भारत दौरे पर आईं कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद, पीएम मोदी और एस. जयशंकर से की मुलाकात

Amit
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नई दिल्ली-  कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि यह दौरा भारत-कनाडा द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति और दिशा देगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अनीता आनंद का यह दौरा कनाडा में विदेश मंत्री का पदभार संभालने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर जी-7 सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ हुई सार्थक वार्ता का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापार, ऊर्जा, विज्ञान एवं तकनीक, कृषि और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना दोनों देशों के हित में है। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ भविष्य में और भी संवाद की आशा जताई।

विदेश मंत्री जयशंकर के साथ विस्तृत वार्ता

इससे पहले विदेश मंत्री अनीता आनंद ने अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर से मुलाकात की। जयशंकर ने बातचीत को रचनात्मक बताते हुए कहा कि यह बातचीत मई में हुई पिछली टेलीफोनिक वार्ता की कड़ी में है, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने पर सहमति बनी थी।

जयशंकर ने जोर देते हुए कहा कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक संवाद पर आधारित रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कनानास्किस में जी-7 बैठक के दौरान भी इस दिशा में स्पष्ट विचार साझा किए थे।

कनाडाई विदेश मंत्री ने जताई साझेदारी को गहराने की प्रतिबद्धता

अनीता आनंद ने अपने संबोधन में भारत में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत-कनाडा के बीच साझेदारी को गहराना उनकी प्राथमिकता है। आनंद ने कहा, “हम महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।”

उन्होंने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर हुई हालिया द्विपक्षीय बैठकों को उपयोगी और आवश्यक बताया। आनंद ने यह भी कहा कि कनाडा भारत को एक पूरक अर्थव्यवस्था और साझेदार के रूप में देखता है, जहां साझा मूल्यों की आधारशिला पर दीर्घकालिक संबंध बनाए जा सकते हैं।

संयुक्त बयान से नए सहयोग की उम्मीद

कनाडा की विदेश मंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच एक संयुक्त बयान तैयार किया जा रहा है, जिसमें रणनीतिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा प्राथमिकताओं के आधार पर।

पृष्ठभूमि में रहा 2023 का राजनयिक तनाव

यह दौरा भारत-कनाडा संबंधों को सामान्य करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच तनाव उस समय बढ़ गया था, जब कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की कथित संलिप्तता का आरोप लगाया था। उस समय भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था।

अनीता आनंद का यह दौरा दोनों देशों के बीच संवाद की बहाली और विश्वास बहाली की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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