साहिबाबाद। पसौंडा झील की भूमि पर रिटायर्ड लेखपाल राजस्व अधीक्षक की एनओसी लगाकर नक्शा पास करा लिया। इसके बाद भूमाफिया ने रातोंरात बिल्डिंग बना लगी।
अब झील पर बनी बिल्डिंग को ध्वस्त किया जाएगा। बृहस्पतिवार को महापौर सुनीता दयाल ने संबंधित अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने बिल्डिंग में रह रहे लोगों को भी इसकी जानकारी दी।
पसौंडा की भूमि शालीमार गार्डन मेन के खसरा नंबर 1563/1, 1562 व 1664 तहसील की रिपोर्ट में झील की भूमि पाई गई थीं, जो नगर निगम की हैै। इस पर पूर्व में शिकायत की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नही की गई।
जांच में भूमि झील के नाम दर्ज निकली
महापौर ने बताया कि इस भूमि पर भूमाफिया यूसुफ, जावेद, राकेश, रमन झा व पार्किंग कर्ता अनूप सिंह आदि ने कब्जा कर उस पर बिल्डिंग बना रखी है। बीते वर्ष 23 अगस्त को तहसीलदार सदर ने अभिलेखों का निरीक्षण कराया।
जांच में पता चला कि यह भूमि झील के नाम दर्ज है जबकि नगर निगम को भी इसकी रिपोर्ट दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई।
महापौर सुनीता दयाल ने मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि पूर्व में लेखपाल राजस्व अधीक्षक ओमपाल द्वारा जीडीए को नक्शा स्वीकृति के लिए तहसील की रिपोर्ट लगाई है, लेकिन जांच में पता चला कि लेखपाल ओमपाल उस दिनांक से पहले ही रिटायर्ड हो चुके थे।
मेरे नाम से फर्जी रिपोर्ट बनवाकर जीडीए में भेजी
वह वर्तमान में नगर निगम के संपत्ति विभाग में हैं। इसकी जानकारी उन्हें दी तो उन्होंने बताया कि मेरे नाम से फर्जी रिपोर्ट बनवाकर जीडीए भेजी गई, जिससे नक्शा पास हो सके। उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
महापौर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह भूमि कब्जा मुक्त की जानी है। इसके लिए तिथि निर्धारित की जाए। नगर निगम, जीडीए और तहसील की सामूहिक कार्रवाई करते हुए बिल्डिंंग को ध्वस्त किया जाएगा।
इस मौके पर अपर आयुक्त जंग बहादुर यादव, संपत्ति अधीक्षक राम शंकर वर्मा, जीडीए अधिशासी अभियंता विरेंद्र कुमार, राजस्व अधीक्षक ओमपाल व सुरेंद्र कौशिक, लेखपाल मनोज कुमार आदि मौजू रहे।
