साहिबाबाद (गाजियाबाद)। रोडवेज बसों का संचालन निर्धारित मार्ग को छोड़कर अन्य मार्ग पर किया तो चालक-परिचालकों पर गाज गिरेगी। यात्रियों की लगातार आ रहीं शिकायतों को देखते हुए परिवहन निगम ने चालक-परिचालकों को एडवाइजरी जारी की है।
गंतव्य तक जल्दी पहुंचने के चक्कर में चालक-परिचालक रूट बदल देते हैं। इससे यात्रियों को जिस स्टापेज पर उतरना होता है वह वहां नहीं उतर पाते।
गाजियाबाद रीजन में कौशांबी, साहिबाबाद, लोनी, गाजियाबाद, खुर्जा, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, हापुड़ समेत कुल आठ डिपो आते हैं। इन सभी डिपो की बसों से रोजाना करीब एक से सवा लाख यात्री सफर करते हैं। अकेले कौशांबी डिपो से ही प्रदेशभर के 100 से अधिक शहरों के लिए बसों का संचालन होता है।
रोजाना 40 हजार यात्री करते हैं सफर
यहां से रोजाना करीब 900 से 1000 बसों का डिपार्चर रहता है। इन बसों से रोजाना करीब 40 हजार यात्री सफर करते हैं। हर शहर के लिए बसों के रूट निर्धारित किए गए हैं, जिससे परिवहन निगम की बस सेवा का अधिक से अधिक यात्रियों को लाभ मिल सके। चालक-परिचालकों के कारण बड़ी संख्या में यात्री रोडवेज बस सेवा से वंचित रह जाते हैं।
वह कई बार मजबूरन डग्गामार बसों में सफर करते हैं। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए परिवहन निगम नौ बिंदुओं की एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी स्टापेज पर बसों को रोकना और निर्धारित रूट पर ही बस का संचालन करना सबसे महत्वपूर्ण है।
एडवाइजरी में ये बिंदु किए गए शामिल
-प्रतिबंधित मार्ग से बस का संचालन न करें।
-परिवर्तित मार्ग से बस का संचालन न करें।
-बाईपास बस का संचालन न करें।
-प्रत्येक स्टापेज से यात्री बैठाएं।
-यात्रियों से मधुर व्यवहार करें।
-डीजल औसत में वृद्धि करें और खपत कम करें।
-सुरक्षित संचालन करें, दुर्घटना से बचें।
-यातायात नियमों का पालन करें।
-बस की आय बढ़ाएं।
परिवहन निगम की रोडवेज बस सेवा का यात्री अधिक से अधिक उपयोग कर सकें। इसके लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। चालक-परिचालकों को इसके लिए एडवाइजरी जारी की है।
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केसरी नंदन चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीएसआरटीसी।

