नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस सेंट्रल जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने विदेशी नागरिकों के वीजा स्टेटस की जांच के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन विस्टा 1.0’ के तहत चार बांग्लादेशी नागरिकों को वीजा अवधि से अधिक समय तक भारत में रहने के आरोप में पकड़ा है. जांच के बाद चारों को एफआरआरओ के समक्ष पेश किया गया, जहां से उनके खिलाफ प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किए गए. इसके बाद चारों को सेवा धाम स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
स्पेशल स्टाफ की टीम ने दस्तावेजों की जांच कर किया खुलासा
पुलिस के अनुसार, फॉरेनर सेल, स्पेशल स्टाफ की टीम ने सेंट्रल जिले के विभिन्न होटल और गेस्ट हाउस में विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच की. इसी दौरान अराकाशन रोड, नबी करीम स्थित एक होटल में 41 वर्षीय जोहेरुल इस्लाम मिला. इसके बाद राम नगर, नबी करीम के एक होटल में काजी मोहम्मद नईमुर रहमान (25), मोहम्मद मुहित उद्दीन (34) और माहिम (21) मिले.
चारों बांग्लादेशी डबल-एंट्री वीजा पर आए थे भारत
चारों के पासपोर्ट, वीजा और अन्य यात्रा दस्तावेजों की जांच की गई. पुलिस के मुताबिक, चारों बांग्लादेशी नागरिक डबल-एंट्री वीजा पर भारत आए थे और प्रत्येक यात्रा के दौरान अधिकतम 15 दिन तक रुकने की अनुमति थी. दस्तावेजों की जांच में पता चला कि चारों निर्धारित अवधि से अधिक समय तक भारत में रह रहे थे.
वीजा नियमों और भारत में रहने की स्थिति की जांच की गई
पुलिस के मुताबिक, जोहेरुल इस्लाम 7 जुलाई को भारत आया था. काजी मोहम्मद नईमुर रहमान और माहिम 10 जून को, जबकि मोहम्मद मुहित उद्दीन 22 जून को भारत आया था. चारों के वीजा नियमों और भारत में रहने की स्थिति की जांच के बाद कार्रवाई की गई.
मामले पर डीसीपी सेंट्रल जिला ने दी जानकारी
डीसीपी सेंट्रल जिला रोहित राजबीर सिंह के अनुसार, ऑपरेशन विस्टा 1.0 के तहत विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों और वीजा स्थिति की लगातार जांच की जा रही है, ताकि वीजा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके.चारों को एफआरआरओ के समक्ष पेश किए जाने के बाद प्रतिबंध आदेश जारी हुए और उन्हें सेवा धाम, शाहजादा बाग, सराय रोहिल्ला स्थित डिटेंशन सेंटर में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, चारों के खिलाफ आगे की डिपोर्टेशन प्रक्रिया कानून के तहत जारी है.
