
नोएडा: एनसीएलटी ने सुपरटेक के 16 प्रॉजेक्ट निर्माण की निश्चित तारीख न बताने पर नाराजगी जताई है। इसके साथ ही एनसीएलटी ने हर प्रॉजेक्ट की अलग-अलग कंप्लीशन डेट बताने के निर्देश दिए हैं। वहीं, एपेक्स कोर्ट कमिटी की ओर से दाखिल हलफनामे की टाइमलाइन को रिकॉर्ड पर ले लिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।
NCLT ने तय तारीख न बताने पर जताई नाराजगी
सुपरटेक के अधूरे 16 हाउसिंग प्रॉजेक्टों में 16 जनवरी 2027 से निर्माण शुरू करने की तैयारी है। एनसीएलएटी के सामने 1 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए एपेक्स कोर्ट कमिटी की ओर से ये जानकारी दाखिल की गई थी। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई हुई। इसमें एनसीएलएटी ने स्पष्ट किया कि एनबीसीसी को दिए गए प्रॉजेक्टों में किसी दूसरे पीएमसी या को-डेवलपर की नियुक्ति का सवाल फिलहाल नहीं उठता।
फायनेंशल ऑडिट 15 जनवरी तक पूरा करने का प्रस्ताव
12 दिसंबर 2024 के आदेश के अनुसार, एनबीसीसी के ड्यू डिलिजेंस और विस्तृत कैश फ्लो रिपोर्ट के बाद यदि वह किसी प्रॉजेक्ट को तय समय में पूरा करने में असमर्थता जताई जाती है, तभी को-डेवलपर नियुक्त करने का फैसला लिया जा सकता है। अभी प्राथमिकता अधूरे प्रॉजेक्ट जल्द से जल्द पूरा कर होमबायर्स को फ्लैटों का पजेशन दिलाने की है। फायनेंशल ऑडिट 15 जनवरी 2027 तक पूरा करने का प्रस्ताव है। एनबीसीसी इन प्रॉजेक्टों के लिए करीब 27 अलग-अलग सब-टेंडर पैकेज जारी करने की तैयारी कर रहा है।
प्रॉजेक्टों में कई गड़बड़ियां मिलीं
फायनेंशल ऑडिट के दौरान कई गड़बड़िया भी मिली है। जार सूट्स में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से 844 यूनिट के निर्माण की मंजूरी दी थी, जबकि मौके पर 1908 यूनिट का निर्माण पाया गया। इसके अलावा हिलटाउन, डीडीजेएवाई-2 और इको विलेज-1 में भी इस तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। उधर बायर्स के संगठन नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा है कि होमबायर्स को स्पष्ट कंप्लीशन डेट, निर्माण रोडमैप और जवाबदेही चाहिए। उन्होंने एनबीसीसी से जल्द निर्माण और लंबित रजिस्ट्री शुरू कराने की भी मांग की।
