दिल्ली में नक्शा पास घोटाले की जांच तेज, 300 संपत्तियां रडार पर

News Desk
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नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड और नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से आधारभूत विकास शुल्क (आईएफसी) जमा किए बिना भवनों के नक्शा पास कर दिए। इससे जल बोर्ड को लगभग दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। इस तरह की तीन सौ संपत्तियों की पहचान की गई है। अब दिल्ली सरकार ने नगर निगम से पिछले 10 वर्षों में भवनों का नक्शा पास करने का रिकॉर्ड मांगा है जिससे कि इस अनियमितता की पहचान हो सके।

पूर्व के वर्षों में दिल्ली जल बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। अब जल बोर्ड और नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से आईएफसी जमा किए बिना नक्शा पास करने का मामला प्रकाश में आया है। नियम के अनुसार आईएफसी जमा करने के बाद ही नक्शा पास किया जाता है। पूर्व के वर्षों में इस नियम का उल्लंघन का मामला सामने आया है।

भवन मालिकों से बकाया शुल्क वसूला जाएगा

आइएफसी भुगतान की जगह जल बोर्ड द्वारा स्वीकृति का पत्र जारी कर नक्शा पास किए गए हैं। इस तरह के तीन सौ संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली है। अब सरकार ने इसके विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस तरह के भवन मालिकों से बकाया शुल्क वसूला जाएगा। उनके विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी। कार्रवाई से पहले उन्हें नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।

नगर निगम से मांगे गए नक्शा पास करने के रिकॉर्ड

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा का कहना है कि नगर निगम से 10 वर्ष, पांच वर्ष एक एक वर्ष के दौरान भवनों का नक्शा पास किए जाने का रिकार्ड मांगा गया है। जांच के पहले चरण में तीन हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले संपत्तियों को शामिल किया गया है। उसके बाद अन्य संपत्तियों की भी जांच होगी।

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