लखनऊ टू दिल्ली, फिर गाजियाबाद… गैंगरेप के बाद 2 लाख में बेची लड़की, बदमाशों के चंगुल से बचकर पहुंची थाने

Rohit Kumar
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को तार-तार कर दिया है। दरअसल, लखनऊ में पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने किशोरी को नशीला पदार्थ पिलाकर तीन युवकों को बेंच दिया। तीनों युवक किशोरी का अपहरण करके दिल्ली ले गए और वहां तीनों नें कमरे में रखकर दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपियों ने किशोरी को बेंच दिया। लेकिन, पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने पहुंची जहां आपबीती सुनाई और परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके किशोरी को परिजनों को सौंप दिया है।

पड़ोसी महिला पर लड़की को बेंचने का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाली किशोरी को पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने अपने घर में बुलाया। उसने लड़की को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके महिला ने किशोरी को माधवपुर गांव के रहने वाले धीरू, देशराज और बब्बन के हांथों बेंच दिया। तीनों आरोपी लड़की को लेकर पहले हरदोई पहुंचे। लड़की को जब हरदोई में होश आया तो तीनों  ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद लड़की को अपने साथ दिल्ली ले गए। दिल्ली में तीनों ने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता को दो लाख रूपयों में बेंच दिया।

किशोरी आरोपियों के चंगुल से छूटकर पहुंची थाने

पीड़िता ने बताया कि वह किसी तरीके से तीनों के चंगुल से बाहर निकलकर गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने पहुंची और आपबीती सुनाई। इसके बाद इंदिरापुरम पुलिस ने लखनऊ पुलिस से संपर्क करके पीड़िता को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर कर ली है और पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

पीड़िता ने रहीमाबाद पुलिस पर लगाया आरोप

पीड़िता और उसकी मां ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ रहीमाबाद थानें में शिकायत दी गई तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के टाल दिया। रहीमाबाद थाना प्रभारी अजीत कुमार के मुताबिक किशोरी के न्यायिक अधिकारी के सामने बयान दर्ज करवाए गए थे, वहां उसने अपहरण और दुष्कर्म को कोई आरोप नहीं लगाया था। उन्होने कहा कि अब इनका पड़ोसी महिला के साथ विवाद हुआ तब ये आरोप लगा रही हैं। उन्होंने बताया कि किशोरी के थाने पर भी महिला दारोगा ने बयान दर्ज किए थे। किसी ने उसे धमकाया नहीं है। सारे आरोप निराधार हैं।

दारोगा पर लगाया धमकाने का आरोप

पीड़िता ने बताया कि जब रहीमाबाद थाने पहुंची तो वहां दारोगा लाल बहादुर ने माता पिता को घर भेज दिया और उसे रात भर थाने में रखा। पीड़िता ने कहा कि दारोगा रातभर धमकाते रहे कि अगर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाओगी तो तुम्हारी और माता पिता की बदनामी होगी और आरोपी भी तुम्हारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे। इसके बाद न्यायिक अधिकारी के पास पुलिस लेकर गई। दारोगा की धमकी के डर के कारण उसने अपने बयान में सामूहिक दुष्कर्म की बात नहीं बताई थी।

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