
नोएडा : नोएडा प्राधिकरण ने क्षेत्र को उत्तर प्रदेश का बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। बढ़ते निवेश और उद्योगों की मांग को देखते हुए लगभग 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नए नोएडा का विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना के क्रियान्वयन से वर्ष 2030 तक सीधे और परोक्ष रूप से लगभग 5 लाख से अधिक युवाओं को नियोजन के नए अवसर मिलने की संभावना है।
मौजूदा शहरी क्षेत्र में जमीन की कमी को देखते हुए इस प्रस्तावित औद्योगिक शहर के लिए शीघ्र ही चरणदार ढंग से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। उद्योगों के विकास के साथ ही क्षेत्र में माल ढुलाई और परिवहन सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है। नए नोएडा की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए तीन नए मेट्रो कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है।
120 बड़ी परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी
ये कॉरिडोर बोडाकी स्थित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटेनिकल गार्डन और चार मूर्ति से होते हुए गौर सिटी को आपस में जोड़ेंगे। इसके अतिरिक्त, आगामी पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के अवसर पर करीब 35 हजार करोड़ रुपये की 120 बड़ी परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी। इनमें डेटा सेंटर, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाइयां, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स तथा संस्थागत विकास से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इस समय नोएडा का उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का महत्वपूर्ण योगदान है।
वहीं, राज्य की कुल इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी निर्यात में नोएडा की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है। सैमसंग, डिक्सन, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी जैसी प्रमुख कंपनियों की उपस्थिति ने शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा कि नोएडा को हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि यहां बड़े और अधिक निवेशकों को आकर्षित किया जाए। नए नोएडा के विकास में भी इसी लक्ष्य पर काम चल रहा है, जिसमें बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
